चरण 1: पत्र का प्रकार समझें:
यह एक औपचारिक शिकायती पत्र है। इसे जिला पूर्ति अधिकारी को लिखना है। पत्र में गाँव का नाम, फर्जी राशन कार्डों की स्थिति और जाँच की माँग स्पष्ट होनी चाहिए। भाषा शिष्ट और तथ्यों पर आधारित रखें।
चरण 2: पत्र का प्रारूप:
पत्र में क्रम से ये अंग आते हैं: प्रेषक का पता, दिनांक, सेवा में, विषय, संबोधन, मुख्य भाग, स्वनिर्देश और नाम।
चरण 3: पत्र:
प्रेषक:
क ख ग,
ग्राम व पोस्ट: रामनगर,
जनपद: हरिपुर (उत्तर प्रदेश)।
दिनांक: 12 मार्च, 2026
सेवा में,
श्रीमान जिला पूर्ति अधिकारी,
जनपद: हरिपुर।
विषय: गाँव में फर्जी राशन कार्डों की जाँच कराने हेतु शिकायती पत्र।
महोदय,
मैं ग्राम रामनगर का निवासी हूँ। मैं आपका ध्यान अपने गाँव में बने फर्जी राशन कार्डों की ओर दिलाना चाहता हूँ। हमारे गाँव में कई ऐसे लोगों के नाम राशन कार्ड बने हुए हैं, जो या तो गाँव में रहते ही नहीं हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। कुछ लोगों के दो-दो कार्ड भी बने हुए हैं।
इन फर्जी कार्डों पर सस्ते दर का अनाज, चीनी और मिट्टी का तेल उठाया जा रहा है। इस कारण गाँव के सचमुच गरीब और पात्र परिवारों को समय पर पूरा राशन नहीं मिल पाता। कई परिवार तो राशन कार्ड के लिए महीनों से चक्कर लगा रहे हैं।
अतः आपसे प्रार्थना है कि किसी जिम्मेदार अधिकारी से गाँव के सभी राशन कार्डों की जाँच कराई जाए। फर्जी कार्ड निरस्त किए जाएँ और दोषी व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई हो। इससे पात्र परिवारों को उनका हक मिल सकेगा।
धन्यवाद सहित।
भवदीय,
क ख ग
ग्राम रामनगर, जनपद हरिपुर
निष्कर्ष:
ऊपर दिया गया पत्र शिकायती पत्र के सही प्रारूप में है। इसमें समस्या, उसका दुष्परिणाम और जाँच की माँग तीनों बातें क्रम से आ गई हैं।