प्रस्तावना:
समय जीवन की सबसे मूल्यवान सम्पत्ति है, जो एक बार बीत जाने पर पुनः प्राप्त नहीं होती। सफल जीवन का रहस्य समय के सुनियोजित प्रबंधन में ही निहित है।
समय-प्रबंधन का महत्व:
जो व्यक्ति अपने समय का सदुपयोग करना सीख लेता है, वही जीवन में उन्नति के शिखर तक पहुँच पाता है। समय-प्रबंधन से कार्यक्षमता बढ़ती है, तनाव कम होता है तथा लक्ष्य-प्राप्ति सरल हो जाती है।
समय-प्रबंधन के उपाय:
दैनिक कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करना, समय-सारणी बनाना, आलस्य एवं विलंब (procrastination) से बचना तथा अनावश्यक गतिविधियों में समय न गँवाना — ये सभी सुव्यवस्थित जीवन के आधार हैं।
उपसंहार:
'समय ही धन है' — यह उक्ति आज भी उतनी ही सार्थक है। जो विद्यार्थी अथवा व्यक्ति समय का सम्मान करना सीख लेता है, वही जीवन के हर क्षेत्र में सफलता अर्जित करता है।