प्रस्तावना:
वन प्रकृति का अमूल्य उपहार हैं, जो न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, अपितु मानव-जीवन के अस्तित्व के लिए भी अनिवार्य हैं।
वनों का महत्व:
वन ऑक्सीजन के स्रोत हैं, वर्षा-चक्र को नियमित करते हैं, मृदा-अपरदन रोकते हैं, जैव-विविधता को सुरक्षित रखते हैं तथा जलवायु-परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करते हैं। लाखों लोगों की आजीविका भी वनों पर आधारित है।
वन-विनाश के दुष्परिणाम:
अंधाधुंध वनों की कटाई से भूमि-क्षरण, बाढ़, सूखा, वन्यजीवों का विलोपन तथा वैश्विक तापन जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
संरक्षण के उपाय:
वृक्षारोपण अभियान, वन-कानूनों का कठोरता से पालन, जन-जागरूकता तथा वैकल्पिक ऊर्जा-स्रोतों का प्रयोग वन-संरक्षण में सहायक हो सकते हैं।
उपसंहार: "वृक्ष हैं तो हम हैं" — इस भावना के साथ वन-संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना समय की माँग है।