पूरी होवें न यदि तुझसे अन्य बातें हमारी।
तो तू, मेरी विनय इतनी मान ले और चली जा।
छू के प्यारे कमल-पग को प्यार के साथ आ जा।
जी जाऊंगी हृदय-तल में मैं तुझी को लगाके।
प्रस्तुत पद्यांश के पाठ एवं कवि का नाम लिखिए।
रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
कमल-पग में कौन-सा अलंकार है?
नायिका किससे और क्या विनती कर रही है?
नायिका पवन को किसके कमल-पग को छू कर आने के लिए कह रही है?