चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में प्रकाश-संश्लेषण से संबंधित पांच कथन दिए गए हैं और हमें इनमें से ग़लत कथनों का चयन करना है।
चरण 2: प्रत्येक कथन का विश्लेषण:
• A. जल विघटन सम्मिश्र PS I से संबंधित है।
यह कथन गलत है। जल के प्रकाशीय अपघटन (photolysis of water) से संबंधित एंजाइमेटिक कॉम्प्लेक्स, जिसे ऑक्सीजन इवॉल्विंग कॉम्प्लेक्स (OEC) भी कहते हैं, फोटोसिस्टम II (PS II) की आंतरिक सतह से जुड़ा होता है, न कि PS I से।
• B. C\(_4\) पादप मुख्य जैव-संश्लेषण पथ के रूप में CO\(_2\) स्थिरीकरण के C\(_3\) पथ का उपयोग करते हैं।
यह कथन सही है। C\(_4\) पादपों में, CO\(_2\) पहले मीजोफिल कोशिकाओं में 4-कार्बन अम्ल में स्थिर होता है (C\(_4\) पथ)। फिर यह 4-कार्बन अम्ल बंडल शीथ कोशिकाओं में जाता है, जहाँ CO\(_2\) मुक्त होती है और केल्विन चक्र (C\(_3\) पथ) में प्रवेश करती है। अतः, अंतिम शर्करा संश्लेषण C\(_3\) पथ द्वारा ही होता है।
• C. C\(_4\) पादपों में, प्रकाश-श्वसन नहीं होता।
यह कथन सही है। C\(_4\) पादपों में एक CO\(_2\) सांद्रण तंत्र होता है जो बंडल शीथ कोशिकाओं में CO\(_2\) की सांद्रता को बढ़ाता है। यह RuBisCO के ऑक्सीजनेज कार्य को रोकता है, जिससे प्रकाश-श्वसन (photorespiration) लगभग नगण्य हो जाता है।
• D. C\(_3\) पादप 'क्रांज़' शारीर प्रदर्शित करते हैं।
यह कथन गलत है। 'क्रांज़' शारीर (Kranz anatomy) C\(_4\) पादपों की एक विशिष्ट विशेषता है, जिसमें संवहन बंडल के चारों ओर बंडल शीथ कोशिकाओं की एक माला होती है। C\(_3\) पादपों में यह नहीं पाई जाती है।
• E. हरितलवक में एटीपी संश्लेषण रसोपरासरण प्रक्रम द्वारा होता है।
यह कथन सही है। प्रकाश अभिक्रियाओं के दौरान, थाइलाकोइड झिल्ली के आर-पार एक प्रोटॉन प्रवणता (proton gradient) स्थापित होती है। इस प्रवणता का उपयोग एटीपी सिंथेज़ एंजाइम द्वारा एटीपी बनाने के लिए किया जाता है, इस प्रक्रिया को रसोपरासरण (chemiosmosis) कहते हैं।
चरण 3: अंतिम उत्तर:
गलत कथन A और D हैं। इसलिए, सही उत्तर विकल्प (B) है।