'पूस की रात' प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी है, जिसमें एक गरीब किसान हल्कू के संघर्ष को दर्शाया गया है। यह कहानी गरीबी, सामाजिक अन्याय और नियति के प्रति मानव की असहायता को उजागर करती है। हल्कू ठंड से बचने के लिए अपने खेत की रखवाली छोड़ देता है, जिससे उसकी फसल नष्ट हो जाती है। कहानी में सामाजिक विषमता और निर्धनता की मार्मिक झलक मिलती है।