चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में पूछा गया है कि पादप कोशिका वृद्धि की 'दीर्धीकरण प्रावस्था' (elongation phase) की कौन सी विशेषता नहीं है।
चरण 2: दीर्धीकरण प्रावस्था की विशेषताओं का विश्लेषण:
पादप वृद्धि की तीन प्रावस्थाएं होती हैं: विभज्योतक (meristematic), दीर्धीकरण (elongation), और परिपक्वन (maturation)।
दीर्धीकरण प्रावस्था की विशेषताएं:
• (A) बड़ी हुई रसधानीभवन (Increased vacuolation): यह दीर्धीकरण की एक प्रमुख विशेषता है। छोटी-छोटी रसधानियाँ मिलकर एक बड़ी केंद्रीय रसधानी बनाती हैं, जो जल को अवशोषित करके स्फीति दाब (turgor pressure) उत्पन्न करती है, जिससे कोशिका का विस्तार होता है। यह एक विशेषता है।
• (C) कोशिका विशालीकरण (Cell enlargement): यह इस प्रावस्था का मुख्य परिणाम है। कोशिकाएं, विशेष रूप से लंबाई में, आकार में बढ़ती हैं। यह एक विशेषता है।
• (D) नव कोशिका भित्ति निक्षेपण (New cell wall deposition): जैसे-जैसे कोशिका का आकार बढ़ता है, उसकी कोशिका भित्ति को भी फैलना पड़ता है और नए भित्ति पदार्थों का निक्षेपण होता है ताकि वह पतली न हो जाए और फट न जाए। यह एक विशेषता है।
अब विकल्प (B) का विश्लेषण करें:
• (B) व्यापक संलक्ष्य केंद्रक (Prominent and conspicuous nucleus): एक बड़ा, सघन कोशिकाद्रव्य, और एक प्रमुख केंद्रक विभज्योतक प्रावस्था की कोशिकाओं की विशेषता है, जहाँ सक्रिय कोशिका विभाजन होता है। दीर्धीकरण प्रावस्था में, एक बड़ी केंद्रीय रसधानी के बनने के कारण कोशिकाद्रव्य और केंद्रक परिधि की ओर धकेल दिए जाते हैं, और केंद्रक उतना प्रमुख नहीं रहता है।
चरण 3: अंतिम उत्तर:
'व्यापक संलक्ष्य केंद्रक' विभज्योतक कोशिकाओं का लक्षण है, न कि दीर्धीकरण प्रावस्था की कोशिकाओं का। अतः, यह दीर्धीकरण प्रावस्था की विशेषता नहीं है। सही उत्तर विकल्प (B) है।