निम्नलिखित विचारों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
इच्छाएँ नाना हैं और नाना विधियाँ हैं और वे उसे प्रवृत्त रखती हैं। उस प्रवृत्ति से वह रह-रहकर थक जाता है और निरुत्साही चाहता है। यह प्रवृत्ति और निरुत्साही का चक्र उसको द्रवणद्व से थका मरा है। इस संसार को अभी राग-भाव से वह चाहता है कि अगले क्षण उसमें ही भाव-विराग से वह उसका विनाश चाहता है। पर राग-द्वेश की वास्तविकताओं से अंत में संतुलन और छटपटाहट उसे हाथ आती है।
उपयुक्त गद्यांश के पाठ तथा लेखक का नाम लिखिए।
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य का प्रथम मौलिक उपन्यास निम्न में से किसको माना है?
नाटक नहीं है
स्वामी दयानंद सरस्वती की रचना है
'हमेरे आंगन चहकने द्वार' के रचनाकार हैं
प्रो० जी० सुंदर रेड्डी द्वारा लिखित निबंध है