निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
ऊर्ध्वतम ही है चलना
जैसे पृथिवी चलकर गौरीशंकर बनती !
छूट गए पीछे
कस्तूरी मृगवाले वे
मधु मानव से उत्सव जंगल,
ग्रीष्म तपे
बियारे झरे पात की
वे वनानियाँ,
गिरे चीड़फूलों से लदी भूमि
औ' औषधियों के वल्कल पहने
परम हितैषी वृक्ष
सभी कुछ छूट गए।