निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
लाली मेरे लाल की, जित देखों तित लाल।
लाली देखन मैं गई, मैं भी हो गई लाल॥
कस्तूरी कुंडल बसै, मृग ढूँढ़ै बन माहिं।
ऐसे घट में पीव है, दुनिया जानै नाहिं।।
जिन ढूँढ़ा तिन पाइयाँ, गहिरे पानी पैठ।
जो बौरा डूबन डरा, रहा किनारे बैठ।।
जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोउ तू फूल।
तोहि फूल को फूल है, बाको है तिरसूल॥।
उचित जोड़ियाँ मिलाइए:
\[\begin{array}{|c|c|c|} \hline \textbf{अ} & \textbf{उत्तर} & \textbf{आ} \\ \hline \text{1. कस्तूरी} & \text{परसामां} & \text{मृग} \\ \hline \text{2. काँटा} & \text{फूल} & \text{पानी} \\ \hline \text{3. लाल} & \text{मुँह} & \text{किनारा} \\ \hline \text{4. बौरा} & \text{किनारा} & \text{किनारा} \\ \hline \end{array}\]
पद्यांश के अंतिम दोहे का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।