निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
मंत्री :महाराज, लोगों की पहली शिकायत यही है कि पानी अब निर्मल
नहीं रहा है। यह नदियों और गह्वरों में बहते समय गंदगी और
बीमारियाँ अपने साथ बहाकर सब जगह पहुँचा देता है।
पानी :महाराज, ये लोग पहले की तरह पानी की रखवाली नहीं करते हैं।
पशुओं को जोहड़ के भीतर तैरने छोड़ जाते हैं। पशु अपनी गंदगी
तालाब में छोड़ जाते हैं। गाँव की दूसरी गंदगी भी तालाब में फेंक
दी जाती हैं। नदियों में कारखानों की गंदगी व शहर के गंदे नाले
का पानी छोड़ा जाता है। महाराज, मैं अपने आप गंदा नहीं होता।
मुझसे शिकायत करने वाले ही गंदा और दूषित करते हैं।
महाराज : भाइयो, आपके पास इसका क्या जवाब है ? (लोग आपस में फुस-फुसाकर बातें करते हैं, फिर उनमें से एक बोलता है।)
एक' : महाराज, यह तो मान लिया पर कहीं बरसना, कहीं नहीं बरसना, यह तो इस पानी की मनमानी है।
आकृति पूर्ण कीजिए :
पानी के संबंध में लोगों की पहली शिकायत
(1) पानी अब निर्मल नहीं रहा है, यह नदियों और गह्वरों में बहते समय गंदगी और बीमारियाँ साथ बहाकर सब जगह पहुँचाता है।
(2) पानी की रखवाली पहले की तरह नहीं की जाती, पशु तालाबों में तैरने छोड़ दिए जाते हैं और गंदगी भी पानी में मिलाई जाती है।
निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में प्रयुक्त समानार्थी शब्द लिखिए :
निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलिए :
प्रदूषण के दुष्परिणाम' विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।