Question:

निम्नलिखित पद्यों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 
मुझे फूल मत मारो, 
मैं अबला बाल विधनी, कुसंतोदयविहीन। 
होकर मधु के मीठा मदन, पत्त तुम कुतर, गरल न गाओ। 
मुझे विकलता, तुम्हे विकलता, हर्षो, श्रम परिहारो। 
नहीं भोजिनी यह कोई, जो तुम जान भरो। 
बल हो तो सिंदुर-बिंदी यह - यह हर नेज निभाओ। 
स्पर्श कंदु, तुम्हे तो मेरे पति पर वारो। 
लो, यह मेरी चरण-धूलि उस रीति के सिर पर धारे। 
प्रस्तुत पद्यांश के पाठ और इसके लेखक का नाम लिखिए। 
 

Show Hint

When reading and interpreting poetry, focus on identifying the emotional and societal themes the poet is conveying.
Updated On: Nov 7, 2025
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

Step 1: Understanding the passage.
यह गद्यांश एक बलिदान और नारी के संघर्ष को व्यक्त करता है। इसमें नारी के संघर्ष को चित्रित किया गया है कि कैसे वह समाज में उपेक्षित और पीड़ित होती है। साथ ही, यह भावनाओं और आत्मनिर्भरता की ओर एक संदेश देता है। लेखक इस गद्यांश के माध्यम से नारी के अधिकार और उसकी स्थिति को परिभाषित करता है।
Step 2: Analyzing the options.
(A) प्रस्तुत पद्यांश के पाठ और इसके लेखक का नाम लिखिए: Correct — यह गद्यांश महिला के संघर्ष को व्यक्त करता है, और इसका लेखक भी महत्वपूर्ण है। लेखक का नाम इसी गद्यांश से संबंधित है।
Step 3: Conclusion.
The correct answer is (A) प्रस्तुत पद्यांश के पाठ और इसके लेखक का नाम लिखिए।
Was this answer helpful?
0
0