Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न उपसहसंयोजक यौगिकों (coordination compounds) के चुंबकीय गुणों से संबंधित है।
हमें दिए गए अष्टफलकीय संकुलों में से उस संकुल की पहचान करनी है जिसमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों (unpaired electrons) की संख्या सर्वाधिक होगी, क्योंकि केवल-प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण सीधे अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर करता है।
Step 2: Key Formula or Approach:
केवल-प्रचक्रण चुंबकीय आघूर्ण (\(\mu\)) का सूत्र:
\[\mu = \sqrt{n(n+2)} \text{ B.M.}\]
जहाँ \(n\) अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या है।
Step 3: Detailed Explanation:
• [Cr(H2O)4(OH)2] में: क्रोमियम की ऑक्सीकरण अवस्था +2 है। \(Cr^{2+}\) का विन्यास \(d^4\) होता है। चूँकि \(H_2O\) और \(OH^-\) दुर्बल क्षेत्र लिगेंड (WFL) हैं, इसलिए क्रिस्टल क्षेत्र विभाजन कम होता है और इलेक्ट्रॉनों का युग्मन नहीं होता। अतः अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या (\(n\)) = 4 है।
• [V(H2O)4I2]+ में: वैनेडियम की ऑक्सीकरण अवस्था +3 है। \(V^{3+}\) का विन्यास \(d^2\) है। यहाँ अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या (\(n\)) = 2 है।
• [Fe(NH3)4(CN)2]+ में: आयरन की ऑक्सीकरण अवस्था +3 है। \(Fe^{3+}\) का विन्यास \(d^5\) है। यहाँ प्रबल क्षेत्र लिगेंड (\(CN^-\)) की उपस्थिति के कारण निम्न-प्रचक्रण संकुल बनता है और इलेक्ट्रॉनों का युग्मन हो जाता है। अतः अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या (\(n\)) = 1 है।
• [Co(NH3)4Cl2] में: कोबाल्ट की ऑक्सीकरण अवस्था +2 है। \(Co^{2+}\) का विन्यास \(d^7\) है। यहाँ \(n\) का मान अधिकतम 3 (उच्च-प्रचक्रण में) हो सकता है।
चूँकि संकुल (A) में सर्वाधिक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन (\(n = 4\)) हैं, इसलिए इसका चुंबकीय आघूर्ण सर्वाधिक होगा।
Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि इसमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या (4) सर्वाधिक है।