Step 1: Understanding the Question:
इस प्रश्न में हमें दो प्रजातियों P और Q के अलग-अलग और एक साथ संवर्धन के दौरान उनकी जनसंख्या वृद्धि वक्रों का विश्लेषण करना है।
हमें यह निर्धारित करना है कि इनके बीच किस प्रकार की समष्टि पारस्परिक क्रिया (population interaction) हो रही है।
Step 2: Key Formula or Approach:
विभिन्न पारस्परिक क्रियाओं के प्रभाव इस प्रकार हैं:
1. परभक्षण (Predation): इसमें एक प्रजाति (परभक्षी) को लाभ (\(+\)) होता है और दूसरी (शिकार) को हानि (\(-\)) होती है।
2. सहोपकारिता (Mutualism): दोनों प्रजातियों को पारस्परिक लाभ (\(+\), \(+\)) होता है।
3. सहभोजिता (Commensalism): एक प्रजाति को लाभ (\(+\)) होता है और दूसरी अप्रभावित (\(0\)) रहती.
4. परजीविता (Parasitism): परजीवी को लाभ (\(+\)) और मेजबान को हानि (\(-\)) होती है, परंतु परजीवी अपने मेजबान के बिना जीवित नहीं रह सकता।
Step 3: Detailed Explanation:
• अकेले वृद्धि: जब P और Q को अलग-अलग संवर्धित किया जाता है, तो दोनों ही अपनी वहन क्षमता (carrying capacity) तक पहुँचते हैं। इसका मतलब है कि दोनों स्वतंत्र रूप से जीवित रहने में सक्षम हैं।
• साथ में वृद्धि: जब P और Q को एक साथ रखा जाता है, तो Q की वृद्धि सामान्य रहती है (यह वहन क्षमता तक पहुँचता है), लेकिन P की जनसंख्या तेजी से गिरकर शून्य के करीब पहुँच जाती है।
• यह दर्शाता है कि Q की उपस्थिति P के लिए अत्यंत हानिकारक है। चूंकि P अकेले अच्छी तरह से बढ़ता है, इसलिए वह परजीवी नहीं हो सकता (क्योंकि परजीवी मेजबान के बिना जीवित नहीं रह सकता)।
• यह व्यवहार तीव्र परभक्षण (predation) को दर्शाता है जहाँ Q एक परभक्षी है जो P (शिकार) को खा जाता है, जिससे P की समष्टि समाप्त हो जाती है।
अतः, दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर "Q परभक्षी है P का" है।
Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है जो यह स्पष्ट करता है कि Q की उपस्थिति में P की समष्टि में गिरावट परभक्षण का परिणाम है।