निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर अपनी भाषा शैली में निबन्ध लिखिए:
(i) पर्यावरण संरक्षण का महत्त्व
प्रस्तावना: पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है, और इसका संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। आज के समय में प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वन्यजीवों की प्रजातियों का विलुप्त होना, यह सब पर्यावरण के संकट को दर्शाता है। मानव ने अपने विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन किया है, जिसके कारण पर्यावरणीय असंतुलन उत्पन्न हुआ है। यदि इस असंतुलन को तुरंत नहीं रोका गया, तो इसके परिणाम बहुत ही विनाशकारी हो सकते हैं।
पर्यावरण संरक्षण के महत्त्व: पर्यावरण संरक्षण का महत्त्व इस बात से समझा जा सकता है कि हमारे जीवन के हर पहलू में पर्यावरण का प्रभाव है। हमें हवा, पानी, और भोजन के लिए प्राकृतिक संसाधनों की आवश्यकता है, जो केवल एक स्वस्थ पर्यावरण से ही मिल सकते हैं। यदि प्रदूषण और संसाधनों का दोहन इसी गति से चलता रहा, तो आने वाले समय में जीवन का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा। इस प्रकार, पर्यावरण की सुरक्षा से ही समाज की भलाई और विकास संभव है।
पर्यावरण संरक्षण के उपाय:
निष्कर्ष: पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने होंगे। केवल सरकारी प्रयासों से यह समस्या हल नहीं हो सकती, इसके लिए नागरिकों का भी सक्रिय योगदान आवश्यक है। हमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग सहेज कर करना चाहिए और प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए। जब तक हम अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा नहीं करेंगे, तब तक हम आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ वातावरण नहीं दे सकेंगे। हम जितनी जल्दी इस दिशा में कदम उठाएंगे, उतना ही बेहतर परिणाम मिलेगा।
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए
डॉ॰ हजारीप्रसाद द्िववेदी
पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता