Step 1: Analyzing each statement about conductors in electrostatics:
A. एक चालक के भीतर स्थिरवैद्युत क्षेत्र शून्य होता है।
यह कथन सही है। स्थिर संतुलन की स्थिति में, यदि चालक के भीतर कोई क्षेत्र होता, तो मुक्त इलेक्ट्रॉन बल का अनुभव करते और गति करते, जिससे एक धारा उत्पन्न होती। चूंकि कोई धारा नहीं है, इसलिए कुल आंतरिक क्षेत्र शून्य होना चाहिए।
B. आवेशित चालक के पृष्ठ पर विद्युत क्षेत्र उसके पृष्ठीय आवेश घनत्व पर निर्भर नहीं करता।
यह कथन गलत है। एक चालक की सतह के ठीक बाहर विद्युत क्षेत्र का परिमाण \( E = \sigma / \epsilon_0 \) होता है, जहाँ \( \sigma \) उस बिंदु पर पृष्ठीय आवेश घनत्व है। इसलिए, क्षेत्र सीधे पृष्ठीय आवेश घनत्व पर निर्भर करता है।
C. एक आवेशित चालक के भीतर, स्थिर स्थिति में कोई आधिक्य आवेश नहीं हो सकता।
यह कथन सही है। गॉस के नियम के अनुसार, चूंकि चालक के भीतर E = 0 है, चालक के भीतर किसी भी गॉसियन सतह के माध्यम से कुल फ्लक्स शून्य है। इसका तात्पर्य है कि सतह के भीतर कुल आवेश शून्य होना चाहिए। कोई भी अतिरिक्त आवेश चालक की बाहरी सतह पर रहता है।
D. आवेशित चालक के पृष्ठ पर, प्रत्येक बिंदु पर, स्थिरवैद्युत क्षेत्र पृष्ठ के लंबवत होना चाहिए।
यह कथन सही है। यदि क्षेत्र का कोई स्पर्शरेखीय घटक होता, तो यह सतह पर आवेशों पर एक बल लगाता, जिससे वे गति करते और एक सतही धारा उत्पन्न होती। स्थिर स्थिति में, कोई धारा नहीं होती है, इसलिए क्षेत्र का कोई स्पर्शरेखीय घटक नहीं हो सकता है और यह सतह के लंबवत होना चाहिए।
E. आवेशित चालक के भीतर, प्रत्येक स्थान पर स्थिरवैद्युत विभव शून्य होता है।
यह कथन गलत है। चूंकि चालक के भीतर \( E = 0 \) है, और \( E = -dV/dr \), इसका मतलब है कि विभव (V) चालक के भीतर स्थिर है (\(dV/dr = 0\))। यह स्थिर मान शून्य होना आवश्यक नहीं है। चालक के भीतर और उसकी सतह पर हर जगह विभव समान होता है।
Step 2: Identifying the correct statements:
सही कथन A, C, और D हैं।
यह विकल्प (C) से मेल खाता है।