चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में सोलैनेसी (Solanaceae) कुल, जिसे आलू कुल भी कहा जाता है, का सही पुष्पी सूत्र पूछा गया है।
चरण 2: सोलैनेसी कुल के पुष्पी लक्षणों का विश्लेषण:
सोलैनेसी कुल के पौधों (जैसे आलू, टमाटर, बैंगन, मिर्च, धतूरा) के पुष्पी लक्षण इस प्रकार हैं:
• सममिति (Symmetry): पुष्प त्रिज्यासममित (actinomorphic) होते हैं, जिसे \(\oplus\) चिह्न से दर्शाया जाता है।
• लिंग (Sexuality): पुष्प द्विलिंगी (bisexual) होते हैं, जिसे \(\ रानीलिंगी \) चिह्न से दर्शाया जाता है।
• बाह्यदलपुंज (Calyx - K): इसमें 5 बाह्यदल (sepals) होते हैं जो संयुक्त (gamosepalous) होते हैं। इसे K\(_(5)\) के रूप में लिखा जाता है।
• दलपुंज (Corolla - C): इसमें 5 दल (petals) होते हैं जो संयुक्त (gamopetalous) होते हैं। इसे C\(_(5)\) के रूप में लिखा जाता है।
• पुमंग (Androecium - A): इसमें 5 पुंकेसर (stamens) होते हैं जो दलों से जुड़े होते हैं (दललग्न - epipetalous)। इसे A\(_5\) के रूप में लिखा जाता है और दललग्न स्थिति को C और A के ऊपर एक चाप (\(\frown\)) द्वारा दर्शाया जाता है।
• जायांग (Gynoecium - G): यह द्विअंडपी (bicarpellary), युक्तांडपी (syncarpous) होता है, जिसमें ऊर्ध्ववर्ती (superior) अंडाशय होता है। इसे G\(_(2)\) के रूप में लिखा जाता है (नीचे रेखा ऊर्ध्ववर्ती अंडाशय को दर्शाती है)।
चरण 3: पूर्ण पुष्पी सूत्र का निर्माण और विकल्पों का मूल्यांकन:
उपरोक्त लक्षणों को मिलाकर, सोलैनेसी कुल का पूर्ण पुष्पी सूत्र है:
\[ \oplus \ \ रानीलिंगी \ K_{(5)} \ \frown{C_{(5)} \ A_5} \ G_{\underline{(2)}} \]
अब विकल्पों की तुलना करें:
(A) \(\oplus \ रानीलिंगी K_{(5)} C_{(5)} A_5 G_{(2)}\) - यह लगभग सही है, लेकिन दललग्न स्थिति को नहीं दर्शाता है, जो एक महत्वपूर्ण लक्षण है। हालांकि, दिए गए विकल्पों में से यह सबसे निकटतम है।
(B) यह फैबेसी (Fabaceae) कुल का सूत्र है।
(C) यह A को भी संयुक्त दिखाता है (A\(_(5)\)), जो गलत है।
(D) यह ब्रैसिसेकी (Brassicaceae) कुल का सूत्र है।
दिए गए विकल्पों में, (A) सबसे उपयुक्त है, हालांकि इसमें दललग्न स्थिति का चिह्न नहीं है।
चरण 4: अंतिम उत्तर:
दिए गए विकल्पों में से, विकल्प (A) सोलैनेसी कुल के पुष्पी सूत्र का सबसे सटीक प्रतिनिधित्व करता है।