चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न कुछ p-ब्लॉक तत्वों के रासायनिक गुणों और आबंधन के संबंध में गलत कथन को पहचानने के लिए कहता है।
चरण 2: प्रत्येक कथन का विश्लेषण:
(A) P(C\(_2\)H\(_5\))\(_3\) और As(C\(_6\)H\(_5\))\(_3\) संक्रमण धातुओं के साथ d\(\pi\)-d\(\pi\) आबंध बनाते हैं।
यह कथन सही है। फॉस्फीन (जैसे P(C\(_2\)H\(_5\))\(_3\)) और आर्सीन (जैसे As(C\(_6\)H\(_5\))\(_3\)) लिगन्ड के रूप में कार्य करते हैं। वे एक \(\sigma\)-बंध बनाने के लिए धातु को इलेक्ट्रॉनों का एक एकाकी युग्म दान करते हैं। इसके अतिरिक्त, उनके पास रिक्त d-कक्षक होते हैं जो संक्रमण धातु के भरे हुए d-कक्षकों से इलेक्ट्रॉन घनत्व को स्वीकार कर सकते हैं, जिससे एक धातु-से-लिगन्ड \(\pi\)-बंध (M \(\rightarrow\) L पश्च-आबंधन) बनता है। यह एक d\(\pi\)-d\(\pi\) अंतःक्रिया है, जो धातु-लिगन्ड बंध को मजबूत करती है।
(B) नाइट्रोजन ऑक्सीजन के साथ d\(\pi\)-p\(\pi\) आबंध बना सकती है।
यह कथन गलत है। नाइट्रोजन एक दूसरे आवर्त का तत्व है। इसकी मुख्य क्वांटम संख्या n=2 है, इसलिए इसके पास आबंधन के लिए केवल s और p कक्षक (2s, 2p) उपलब्ध हैं। इसके संयोजकता कोश में d-कक्षक नहीं होते हैं। d\(\pi\)-p\(\pi\) बंध बनाने के लिए, एक परमाणु के पास सुलभ d-कक्षक होने चाहिए। चूंकि नाइट्रोजन में d-कक्षकों की कमी होती है, इसलिए यह ऐसे बंध नहीं बना सकता है।
(C) नाइट्रोजन स्वयं के साथ p\(\pi\)-p\(\pi\) बहु-आबंध बना सकता है।
यह कथन सही है। नाइट्रोजन अणु (N\(_2\)) में एक त्रि-बंध (N≡N) होता है, जिसमें एक \(\sigma\) बंध और दो p\(\pi\)-p\(\pi\) बंध होते हैं। यह नाइट्रोजन परमाणु के छोटे आकार और उच्च वैद्युतीयऋणात्मकता के कारण संभव है, जो p-कक्षकों के प्रभावी पार्श्व अतिव्यापन की अनुमति देता है।
(D) फॉस्फोरस, आर्सेनिक और ऐंटिमनी श्रृंखलन गुणधर्म प्रदर्शित करते हैं।
यह कथन सही है। श्रृंखलन समान परमाणुओं की श्रृंखला बनाने की क्षमता है। जबकि कार्बन इस गुण को सबसे अधिक सीमा तक दिखाता है, समूह 15 में अन्य तत्व जैसे फॉस्फोरस, आर्सेनिक और ऐंटिमनी भी श्रृंखलन प्रदर्शित करते हैं, यद्यपि बहुत कम मात्रा में। उदाहरण के लिए, फॉस्फोरस P\(_4\) (सफेद फॉस्फोरस) और बहुलकीय रूपों (लाल, काला फॉस्फोरस) के रूप में मौजूद है। आर्सेनिक और ऐंटिमनी भी समान संरचनाएं बनाते हैं।
चरण 3: अंतिम उत्तर:
गलत कथन (B) है क्योंकि नाइट्रोजन, दूसरे आवर्त का तत्व होने के कारण, संयोजकता d-कक्षक नहीं रखता है और इसलिए d\(\pi\)-p\(\pi\) आबंधन में भाग नहीं ले सकता है।