Question:

निम्नलिखित कृतियों को उनके प्रकाशन-वर्ष के अनुसार सही क्रम में लगाइए : 
1. गोदान 
2. कामायनी 
3. तमस 
4. मैला आँचल 
 

Show Hint

प्रसिद्ध ऐतिहासिक उपन्यासों और महाकाव्यों (जैसे गोदान, कामायनी, मैला आँचल) के प्रकाशन वर्षों को सीधे याद रखना परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रेमचंद का 'गोदान' (1936) और प्रसाद की 'कामायनी' (1935) लगभग समकालीन रचनाएँ हैं, इस तथ्य से क्रम निर्धारित करना आसान हो जाता है।
Updated On: May 26, 2026
  • 2, 1, 4, 3
  • 1, 2, 3, 4
  • 2, 4, 1, 3
  • 4, 3, 2, 1
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The Correct Option is A

Solution and Explanation


Step 1: Understanding the Question:

यह प्रश्न हिंदी साहित्य की अत्यंत प्रसिद्ध रचनाओं और उनके प्रथम प्रकाशन-वर्ष के कालानुक्रम पर आधारित है।

Step 2: Detailed Explanation:

  • दी गई साहित्यिक कृतियों के प्रकाशन वर्ष और उनके रचनाकारों का विवरण इस प्रकार है:
  • कामायनी (क्रम 2): यह जयशंकर प्रसाद जी द्वारा रचित सुप्रसिद्ध महाकाव्य है, जिसका प्रकाशन वर्ष 1935 है।
  • गोदान (क्रम 1): यह कथासम्राट मुंशी प्रेमचंद जी का अंतिम और सबसे लोकप्रिय उपन्यास है, जो ग्रामीण जीवन और कृषक संस्कृति का महाकाव्य माना जाता है। इसका प्रकाशन 1936 में हुआ था।
  • मैला आँचल (क्रम 4): यह फणीश्वरनाथ 'रेणु' जी द्वारा लिखित हिंदी का पहला महत्वपूर्ण आंचलिक उपन्यास है। इसका प्रकाशन वर्ष 1954 है।
  • तमस (क्रम 3): यह भीष्म साहनी जी द्वारा रचित भारत-विभाजन की त्रासदी पर आधारित एक बेहद शक्तिशाली उपन्यास है, जिसका प्रकाशन वर्ष 1973 है। इस उपन्यास के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला था।
  • यदि इन कृतियों को उनके प्रकाशन-वर्ष के अनुसार आरोही (बढ़ते) क्रम में व्यवस्थित करें:
    कामायनी (1935) $\rightarrow$ गोदान (1936) $\rightarrow$ मैला आँचल (1954) $\rightarrow$ तमस (1973)
    अतः सही संख्यात्मक क्रम होगा: 2, 1, 4, 3।
    यह विकल्प (A) के साथ पूरी तरह मेल खाता है।


Step 3: Final Answer:

इन प्रमुख साहित्यिक कृतियों का प्रकाशन-वर्ष के अनुसार सही और प्रामाणिक क्रम 2, 1, 4, 3 है, जो कि विकल्प (A) है।
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