Step 1: Understanding the Question:
हमें दिए गए परिपथ में डायोड (D) के सिरों पर वोल्टेज (\(V_D\)) का तरंगरूप (waveform) ज्ञात करना है। परिपथ में एक AC वोल्टेज स्रोत, एक डायोड और एक प्रतिरोधक श्रेणी में जुड़े हुए हैं। यह एक अर्ध-तरंग दिष्टकारी (half-wave rectifier) परिपथ है।
Step 2: Key Concept:
एक आदर्श डायोड का व्यवहार:
• अग्र अभिनति (Forward Bias): जब एनोड पर वोल्टेज कैथोड से अधिक होता है, तो डायोड एक बंद स्विच (शॉर्ट सर्किट) की तरह व्यवहार करता है। इसका प्रतिरोध शून्य होता है और इसके सिरों पर वोल्टेज ड्रॉप शून्य होता है।
• पश्च अभिनति (Reverse Bias): जब कैथोड पर वोल्टेज एनोड से अधिक होता है, तो डायोड एक खुले स्विच (ओपन सर्किट) की तरह व्यवहार करता है। इसका प्रतिरोध अनंत होता है और इससे कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है।
Step 3: Detailed Explanation:
स्थिति 1: इनपुट वोल्टेज का धनात्मक अर्ध-चक्र (\(V_i > 0\))
• जब इनपुट वोल्टेज \(V_i\) धनात्मक होता है, तो डायोड का p-सिरा (एनोड) n-सिरे (कैथोड) के सापेक्ष धनात्मक होता है।
• डायोड अग्र अभिनत (forward-biased) हो जाता है।
• एक आदर्श डायोड के रूप में, यह एक शॉर्ट सर्किट की तरह काम करता है।
• एक शॉर्ट सर्किट के सिरों पर वोल्टेज ड्रॉप शून्य होता है।
• इसलिए, धनात्मक अर्ध-चक्र के दौरान, \(V_D = 0\)।
स्थिति 2: इनपुट वोल्टेज का ऋणात्मक अर्ध-चक्र (\(V_i < 0\))
• जब इनपुट वोल्टेज \(V_i\) ऋणात्मक होता है, तो डायोड का p-सिरा n-सिरे के सापेक्ष ऋणात्मक होता है।
• डायोड पश्च अभिनत (reverse-biased) हो जाता है।
• एक आदर्श डायोड के रूप में, यह एक ओपन सर्किट की तरह काम करता है।
• ओपन सर्किट में कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है (\(I = 0\))।
• चूंकि कोई धारा नहीं है, प्रतिरोधक R के सिरों पर कोई वोल्टेज ड्रॉप नहीं होता है (\(V_R = I \times R = 0\))।
• किरचॉफ के वोल्टेज नियम (KVL) को लूप पर लागू करने पर: \(V_i - V_D - V_R = 0\)।
• \(V_i - V_D - 0 = 0 \implies V_D = V_i\)।
• इसलिए, ऋणात्मक अर्ध-चक्र के दौरान, डायोड के सिरों पर वोल्टेज इनपुट वोल्टेज के बराबर होता है।
निष्कर्ष:
डायोड के सिरों पर वोल्टेज (\(V_D\)) का तरंगरूप इस प्रकार होगा:
• धनात्मक अर्ध-चक्र के लिए शून्य।
• ऋणात्मक अर्ध-चक्र के लिए इनपुट वोल्टेज के ऋणात्मक भाग के समान।
यह तरंगरूप विकल्प (B) में दर्शाया गया है।
Step 4: Final Answer:
सही तरंगरूप विकल्प (B) में दिखाया गया है, जहाँ धनात्मक अर्ध-चक्र क्लिप हो जाता है (शून्य हो जाता है) और ऋणात्मक अर्ध-चक्र प्रकट होता है।