Question:

नारी सशक्तीकरण

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चौपाई और कुण्डलियाँ छन्द दोनों ही हिंदी काव्यशास्त्र में प्रचलित छन्द रूप हैं, जो क्रमबद्ध और लयबद्ध काव्य रचनाओं के लिए उपयोगी हैं।
Updated On: Nov 11, 2025
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Solution and Explanation

चौपाई छन्द: चौपाई एक लोकप्रिय हिंदी छन्द है, जो मुख्यतः चार पंक्तियों में विभाजित होता है। प्रत्येक पंक्ति में 16 मात्राएँ होती हैं और रचनात्मकता में स्पष्टता एवं लयबद्धता का परिचायक होती है। यह आमतौर पर धार्मिक और भक्ति साहित्य में प्रयुक्त होता है। उदाहरण: "राम दीन की सुत, राजा निज गौरव सर्वथा। दीन हीनें सिसकन करता, ह्रदय में कातर छवि।" कुण्डलियाँ छन्द: कुण्डलियाँ छन्द भी एक विशेष प्रकार का छन्द होता है, जिसमें प्रत्येक पंक्ति में 8-8 मात्राएँ होती हैं। यह भी चार पंक्तियों में विभाजित होता है और इसमें लय और गीतात्मकता का विशेष ध्यान रखा जाता है। उदाहरण: "हंस के वचन सच साक्षी, जोहि सुगंधा सदायु। संगति में बड़ें दिखावे, देव प्रसन्न नायक दूख।"
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