Step 1: कारक की परिभाषा।
हिंदी में कारक उस संबंध को कहते हैं जो संज्ञा/सर्वनाम और क्रिया के बीच स्थापित होता है। विशेषकर, जब संज्ञा/सर्वनाम किसी अन्य संज्ञा से जुड़ा होता है, तो उसे संबंध कारक कहते हैं।
Step 2: वाक्य का विश्लेषण।
वाक्य — “मेरी घड़ी खो गई।”
- यहाँ ‘घड़ी’ कर्ता है।
- ‘मेरी’ शब्द ‘मैं’ सर्वनाम का संबंध सूचक रूप है। यह घड़ी के साथ संबंध दर्शा रहा है।
अतः यह संबंध कारक है।
Step 3: अन्य विकल्पों का परीक्षण।
- (A) कर्म कारक — यह तब होता जब वाक्य में किसी कार्य का सीधा उद्देश्य होता (जैसे — मैंने किताब पढ़ी)।
- (B) संबंध कारक — सही है क्योंकि ‘मेरी’ घड़ी पर स्वामित्व का संबंध दर्शा रहा है।
- (C) करण कारक — यह साधन बताता है (जैसे — मैंने कलम से लिखा)।
- (D) संप्रदान कारक — यह किसी को दिया जाना या प्राप्ति सूचित करता है (जैसे — मैंने उसे पुस्तक दी)।
Step 4: निष्कर्ष।
अतः इस वाक्य में संबंध कारक प्रयुक्त हुआ है।
Final Answer:
\[
\boxed{\text{The correct answer is (B) संबंध कारक.}}
\]