Question:

मैत्रेयी कस्य पत्नी आसीत् ?

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इस श्लोक में पिता की जिम्मेदारी केवल जन्म देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के पालन-पोषण और सही मार्गदर्शन में भी है।
Updated On: Nov 11, 2025
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Solution and Explanation

यह श्लोक पिता के कर्तव्यों और उनके महत्व पर आधारित है। श्लोक का अर्थ है: "पिता का कर्तव्य केवल संतान का जन्म देना नहीं है, बल्कि उनका पालन-पोषण, शिक्षा देना और उनका भरण-पोषण करना भी है। पिता को अपने बच्चों का आचार-व्यवहार और संस्कारों में मार्गदर्शन करना चाहिए। सिर्फ जन्म देना ही पर्याप्त नहीं होता, असल जिम्मेदारी तो बच्चों की परवरिश और जीवन के सही मार्ग पर चलने की दिशा में होती है।" यह श्लोक हमें यह शिक्षा देता है कि एक पिता का असली धर्म बच्चों के पालन और उनकी नैतिक शिक्षा में निहित है, और यही उन्हें जीवन में सफलता की ओर अग्रसर करता है।
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