चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में मधुमक्खियों में लिंग-निर्धारण की प्रक्रिया से संबंधित पांच कथन दिए गए हैं। हमें सही कथनों की पहचान करनी है।
चरण 2: प्रत्येक कथन का विश्लेषण:
मधुमक्खियों में लिंग निर्धारण की एक अनूठी प्रणाली होती है जिसे अगुणित-द्विगुणित (haplo-diploid) प्रणाली कहा जाता है।
• A. यह कथन सही है। जब एक शुक्राणु (अगुणित, n) एक अंडे (अगुणित, n) को निषेचित करता है, तो एक द्विगुणित (2n) युग्मनज बनता है। यह युग्मनज एक मादा में विकसित होता है, जो पोषण के आधार पर या तो रानी (queen) या श्रमिक (worker) मधुमक्खी बन सकती है।
• B. यह कथन सही है। अनिषेचित अंडे (अगुणित, n) बिना निषेचन के अनिषेकजनन (parthenogenesis) नामक प्रक्रिया द्वारा विकसित होते हैं और नर मधुमक्खी या पुंमधुप (drone) बनाते हैं।
• C. यह कथन सही है। चूंकि नर अगुणित (n) होते हैं और मादाएं द्विगुणित (2n) होती हैं, नर में मादा की तुलना में गुणसूत्रों की संख्या आधी होती है।
• D. यह कथन गलत है। नर पहले से ही अगुणित (n) होते हैं। वे अर्धसूत्री विभाजन (meiosis), जो गुणसूत्र संख्या को आधा कर देता है, से नहीं गुजर सकते। इसके बजाय, वे समसूत्री विभाजन (mitosis) द्वारा शुक्राणु (n) का उत्पादन करते हैं।
• E. यह कथन सही है। जैसा कि ऊपर बताया गया है, मधुमक्खियों में लिंग निर्धारण की प्रणाली को अगुणित-द्विगुणित प्रणाली कहा जाता है क्योंकि नर अगुणित होते हैं और मादाएं द्विगुणित होती हैं।
चरण 3: अंतिम उत्तर:
कथन A, B, C और E सही हैं, जबकि कथन D गलत है। इसलिए, सही कथनों का समूह विकल्प (D) में दिया गया है।