'लाटी' एक संवेदनशील कहानी है, जिसमें एक मूक-बधिर लड़की लाटी के संघर्ष को दिखाया गया है। वह अपनी विकलांगता के बावजूद प्रेम और आत्म-सम्मान के लिए संघर्ष करती है। समाज की उपेक्षा और अपमान सहने के बावजूद वह आत्मसम्मान बनाए रखती है। कहानी सहानुभूति, आत्मनिर्भरता और सामाजिक चेतना का संदेश देती है।