Question:

करुण रस की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।

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करुण रस का स्थायी भाव {शोक} होता है और यह रस दुःख तथा करुणा की भावना को व्यक्त करता है।
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Solution and Explanation

Concept: रस काव्य का महत्वपूर्ण तत्व है, जो पाठक या श्रोता के मन में विशेष भाव उत्पन्न करता है। करुण रस उन रसों में से एक है जिसमें दुःख, शोक और करुणा की भावना व्यक्त होती है। इसका स्थायी भाव शोक होता है।
Step 1:करुण रस की परिभाषा जिस काव्य में दुःख, शोक, दया और करुणा की भावना प्रकट होती है, वहाँ करुण रस होता है। यह रस पाठक या श्रोता के हृदय में सहानुभूति और संवेदना उत्पन्न करता है।
Step 2:उदाहरण
  • उदाहरण: ``हा लक्ष्मण! तुम्हें बिना मैं कैसे जीवित रहूँगा?''
इस उदाहरण में अत्यंत दुःख और शोक की भावना व्यक्त हो रही है, इसलिए यहाँ करुण रस का प्रयोग हुआ है।
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