Concept:
अलंकार हिंदी काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व होते हैं। काव्य में भावों को अधिक प्रभावशाली और सुंदर बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के अलंकारों का प्रयोग किया जाता है। अन्योक्ति अलंकार भी उन्हीं में से एक महत्वपूर्ण अलंकार है।
Step 1:अन्योक्ति अलंकार की परिभाषा
जब कवि किसी व्यक्ति, वस्तु या विषय के बारे में सीधे न कहकर किसी अन्य वस्तु के माध्यम से अपनी बात प्रकट करता है, तब वहाँ
अन्योक्ति अलंकार होता है। इसमें वास्तविक विषय छिपा रहता है और किसी अन्य के माध्यम से उसकी ओर संकेत किया जाता है।
Step 2:उदाहरण
- उदाहरण:
``नहिं पराग, नहिं मधुर मधु, नहिं विकास इहिं काल।
अली कली ही सों बँध्यो, आगे कौन हवाल।।''
इस पंक्ति में कली और भँवरे के माध्यम से किसी अन्य विषय की ओर संकेत किया गया है, इसलिए यहाँ अन्योक्ति अलंकार का प्रयोग हुआ है।
इस प्रकार जब किसी बात को अप्रत्यक्ष रूप से किसी अन्य वस्तु के माध्यम से कहा जाता है, तब वहाँ अन्योक्ति अलंकार होता है।