निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख कृतियों पर प्रकाश डालिए
जयशंकर प्रसाद
जीवन परिचय:
जयशंकर प्रसाद छायावाद के चार स्तंभों में से एक थे। वे कवि, नाटककार, कहानीकार और निबंधकार सभी रूपों में सफल रहे।
साहित्यिक योगदान:
उनकी कविता में भावुकता, प्रकृति-चित्रण, इतिहास-प्रेम और दर्शन का सुंदर समन्वय मिलता है। उन्होंने हिंदी नाटक और कहानी विधा को नई ऊँचाइयाँ दीं।
प्रमुख रचनाएँ:
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘प्रिय प्रवास’ के रचयिता हैं:
निम्नलिखित में से ‘छायावाद’ के कवि हैं:
निम्नलिखित में से कौन-सा कवि छायावाद युग का नहीं है?