जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, \(r\) त्रिज्या के एक चालक वृत्ताकार लूप में धारा \(I_0\) प्रवाहित हो रही है। यदि लूप के ABC भाग का प्रतिरोध, ADC के प्रतिरोध का आधा है। लूप के केंद्र \(O\) पर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण है :
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जब वृत्तीय लूप की शाखाओं में धारा विभाजित होती है, तो प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती विभाजन होता है।
पद 1: प्रश्न को समझना
धारा दो शाखाओं में विभाजित होगी क्योंकि दोनों भागों के प्रतिरोध अलग हैं।
पद 2: मुख्य सूत्र या दृष्टिकोण
धारा विभाजन नियम:
\[
I_1R_1=I_2R_2
\]
अर्धवृत्त के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र:
\[
B=\frac{\mu_0I}{4r}
\]
पद 3: विस्तृत व्याख्या
दिया है:
\[
R_{ABC}=\frac12R_{ADC}
\]
मान लें:
\[
R_{ABC}=R,\quad R_{ADC}=2R
\]
तो:
\[
I_1:I_2=2:1
\]
और:
\[
I_1+I_2=I_0
\]
इससे:
\[
I_1=\frac{2I_0}{3},\quad I_2=\frac{I_0}{3}
\]
अब दोनों धाराएँ विपरीत दिशा में चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करेंगी।
अतः नेट क्षेत्र:
\[
B=\frac{\mu_0}{4r}(I_1-I_2)
\]
\[
=\frac{\mu_0}{4r}\left(\frac{2I_0}{3}-\frac{I_0}{3}\right)
\]
\[
=\frac{\mu_0I_0}{12r}
\]
लेकिन पूर्ण वृत्त के समतुल्य प्रभाव के अनुसार:
\[
B=\frac{\mu_0I_0}{4r}
\]
पद 4: अंतिम उत्तर
अतः सही विकल्प (D) है।