इच्छाएँ नाना हैं और नाना विधि हैं और वे उसे प्रवृत्त रखती हैं| प्रवृत्ति से वह रह-रहकर थक जाता है और निवृत्ति चाहता है । यह प्रवृत्ति और निवृत्ति का चक्र उसको द्वन्द्व से थका मारता है । इस संसार को अभी राग-भाव से वह चाहता है कि अगले क्षण उतने ही भाव-विराग से वह उसका बिनाश चाहता है । पर राग-द्वेष की वासनाओं से अंत में झुंझलाहट और छटपटाहट ही उसे आती है।
लेखक की पढ़ने की इच्छा और उसके पिता के विरोध के बीच के संघर्ष का वर्णन कीजिए।
यशोधर बाबू की पुरानी और नई पीढ़ी के बीच वैचारिक मतभेद (Generation Gap) के मुख्य कारण क्या थे?
अंबेडकर के अनुसार एक 'आदर्श समाज' की क्या विशेषताएँ होनी चाहिए?
महामारी के समय ढोलक की आवाज़ गाँव वालों के लिए संजीवनी का काम कैसे करती थी?
लेखक ने 'बाज़ारूपन' से क्या तात्पर्य बताया है? ग्राहक को बाज़ार जाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?