एक प्रोटीन अपनी प्रारंभिक अवस्था \(N\) से विकृत अवस्था \(D\) में
\[
N \rightarrow D
\]
ऊष्मीय विकृतीकरण (thermal denaturation) से गुजरता है। \(60^\circ C\) पर साम्यावस्था में \(N\) और \(D\) दोनों संतुलित हैं, और विकृतीकरण का मानक एन्थैल्पी परिवर्तन
\[
666\,kJ\,mol^{-1}
\]
है। \(60^\circ C\) पर विकृतीकरण का मानक एंट्रॉपी परिवर्तन (\(\Delta S^\circ\)) है :
पद 1: प्रश्न को समझना
संतुलन पर:
\[
\Delta G=0
\]
इसका उपयोग करके \(\Delta S\) निकालना है।
पद 2: मुख्य सूत्र या दृष्टिकोण
\[
\Delta G=\Delta H-T\Delta S
\]
संतुलन पर:
\[
\Delta G=0
\]
अतः:
\[
\Delta S=\frac{\Delta H}{T}
\]
पद 3: विस्तृत व्याख्या
दिया है:
\[
\Delta H=666kJmol^{-1}
\]
\[
=666\times10^3 Jmol^{-1}
\]
तापमान:
\[
T=60+273=333K
\]
अब:
\[
\Delta S=\frac{666\times10^3}{333}
\]
\[
=2000 J K^{-1}mol^{-1}
\]
पद 4: अंतिम उत्तर
अतः सही विकल्प (D) है।