Step 1: Understanding the Question:
प्रश्न में एक अवतल लेंस से प्रकाश के अपवर्तन के बारे में पूछा गया है। विशेष रूप से, यह उस प्रकाश किरण के पथ के बारे में है जो मुख्य अक्ष के समानांतर लेंस पर आपतित होती है।
Step 2: Key Concept:
अवतल लेंस की प्रकृति अपसारी (diverging) होती है। इसका अर्थ है कि यह समानांतर प्रकाश किरणों को फैलाता है। लेंस से अपवर्तन के लिए किरण आरेख के नियम इस प्रकार हैं:
• मुख्य अक्ष के समानांतर आने वाली प्रकाश किरण अपवर्तन के पश्चात मुख्य फोकस से अपसारित होती हुई प्रतीत होती है।
• मुख्य फोकस की ओर निर्देशित किरण अपवर्तन के पश्चात मुख्य अक्ष के समानांतर हो जाती है।
• प्रकाशिक केंद्र से गुजरने वाली किरण बिना किसी विचलन के सीधी निकल जाती है।
Step 3: Detailed Explanation:
प्रश्न में दी गई स्थिति नियम 1 से मेल खाती है।
एक किरण जो अवतल लेंस के मुख्य अक्ष के समानांतर होती है, अपवर्तन के बाद इस तरह से मुड़ जाती है कि यह लेंस के उसी तरफ स्थित मुख्य फोकस (प्रथम मुख्य फोकस, F1) से आती हुई प्रतीत होती है।
इसलिए, अपवर्तित किरण प्रथम मुख्य फोकस से अपसारित होती हुई प्रतीत होती है।
Step 4: Final Answer:
विकल्प (A) गलत है क्योंकि किरण समानांतर निर्गत नहीं होती है।
विकल्प (B) सही है क्योंकि यह अवतल लेंस के लिए किरण आरेख के नियम का सही वर्णन करता है।
विकल्प (C) और (D) गलत हैं क्योंकि वे उत्तल लेंस या अन्य विशिष्ट स्थितियों से संबंधित हो सकते हैं, लेकिन इस मामले में लागू नहीं होते हैं।
अतः, सही उत्तर है कि किरण प्रथम मुख्य फोकस से अपसारित होती हुई प्रतीत होती है।