Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न राउल्ट के नियम (Raoult's Law) और वास्तविक विलयनों द्वारा दर्शाए जाने वाले आदर्श व्यवहार से विचलन (deviation) पर आधारित है।
हमें अंतराआण्विक बलों की तुलना करके यह निर्धारित करना है कि विलयन किस प्रकार का विचलन प्रदर्शित करता है।
Step 2: Detailed Explanation:
• प्रश्न के अनुसार, विलयन में उत्पन्न होने वाले नवीन आकर्षण बल (\(X-Y\)) शुद्ध द्रवों के आकर्षण बलों (\(X-X\) और \(Y-Y\)) से अधिक प्रबल हैं।
• मजकूत आकर्षण बलों के कारण, विलयन में मौजूद अणुओं की वाष्प अवस्था में जाने की प्रवृत्ति कम हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप, विलयन का कुल वाष्पदाब आदर्श व्यवहार की तुलना में कम हो जाता है।
• इसे राउल्ट के नियम से ऋणात्मक विचलन (negative deviation) कहा जाता है।
• एक आदर्श सममोलर विलयन (जहाँ मोल प्रभाज \(\chi_X = \chi_Y = 0.5\)) का कुल वाष्पदाब निम्नलिखित होना चाहिए था:
\[ p_{\text{ideal}} = 0.5 p_X^0 + 0.5 p_Y^0 = \frac{p_X^0 + p_Y^0}{2} \]
• चूंकि यह विलयन ऋणात्मक विचलन प्रदर्शित करता है, इसलिए इसका वास्तविक कुल वाष्पदाब (\(p_{\text{total}}\)) इस आदर्श मान से कम होगा:
\[ p_{\text{total}} < \frac{p_X^0 + p_Y^0}{2} \]
यह संबंध विकल्प (A) द्वारा सही ढंग से दर्शाया गया है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि आकर्षण बल अधिक होने के कारण कुल वाष्पदाब आदर्श मान से कम हो जाता है।