दिए गए पद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
निस्सहसे वे चंचल आये,
फेरे तन मेरे रंजन ने नयन इधर मन भाये।
फैला उनके तन का आलाप, मन में सर सरसाये,
छुए वे इस तन और नहीं, वे हंस उड़ छाये।
कहके ध्यान आज इस जन का किसने ये मुस्काये,
फूल उठे वे कंचन, मोर-से वे यवन हुलासे।
स्वागत, स्वागतम्, स्वर, भाष्य से सजे दर्शन प्रिये,
'मन' ने मोती ढाले, लो, वे अक्षु अक्षर ला लाये।
उपर्युक्त पद्यांश का संदर्भ लिखिए।
ससी के चंचल पक्षी दिखाने से क्या तात्पर्य है?
उल्लेखित अंश की व्याख्या कीजिए।
कवि ने पद्यांश में किस वस्तु का वर्णन किया है?
'मन' और 'अक्षर' शब्द के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए।
मन के पर्यायवाची:
अक्षर के पर्यायवाची: