दिए गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
अशोक को जो सम्मान कालिदास से मिला, वह अपेक्षित था।सुतरीयों के आंसिज्जनकनी सुस्पष्ट चरणों के मुख आधार से वह फूलता था, कोमल कणों पर कर्णावतंस के रूप में झूलता था और चंचल नील अलकों की अंजलि शोकों को सौ गुना बढ़ा देती थी।वह महाशोक के मन में मोह पैदा करता था, मर्यादा पुरुषोत्तम के चिन्त में सीता का भ्रम पैदा करता था और मनोज्ञान देवता के एक इशारे पर कन्ये पर से ही झूट उठता था।
उपर्युक्त गद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
संस्कृत के किस कवि ने अशोक को सम्मानित किया है?
अशोक पर फूल आने के समय में लेखक के क्या विचार हैं?
आंसिज्जनकनी तथा कर्णावतंस के अर्थ लिखिए।