दिए गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
गद्यांश:
जन का प्रवाह अनंत होता है। सहस्रों वर्षों से भूमि के साथ राष्ट्रीय जन ने तादात्म्य प्राप्त किया है जब तक सूर्य की रश्मियाँ नित्य प्रातःकाल भुवन को अमृत से भर देती हैं तब तक राष्ट्रीय जन का जीवन भी अमर है। इतिहास के अनेक उतार-चढ़ाव पार करने के बाद भी ऋषि-निवासी जन ने उठती लहरों से आगे बढ़ने के लिए अमर-अमर है।
जन का प्रवाह किस तरह होता है?
पाठ का शीर्षक एवं लेखक का नाम लिखिए।
रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
सूर्य की रश्मियों का क्या प्रभाव पड़ता है?
राष्ट्रीय जन ने किसके साथ तादात्म्य स्थापित किया है?