दिये गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
गद्यांश:
निरंतर में गुज़ार करते और जीवन के घटनाओं में भी निश्चय रूप से हर्ष हैं। महात्मा गांधी ने ऐसा ही जीवन जिया था, लेकिन जैसा कि उन्होंने कहा था, उनके पथ पर चलने वाले यदि गलत दिशा में बढ़ते हैं, तो उनकी पूरी होती नहीं। उनके पीछे की गिरावटों में अपनी होती है। लेकिन उनका कड़ी संघर्ष करना और जागरूकता सुनने-सिखाने के गुणाना करने का अलग बात है। इस पूरी शक्ति से समाजिक करने के फैसले का प्रभाव यही है!
दिये गये गद्यांश के शीर्षक एवं लेखक का नाम बताइये।
रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
मनुष्य को सदैव किस प्रकार की जीवन शैली अपनाना चाहिए?
लेखक महात्मा गांधी के जीवन का उदाहरण देकर क्या स्पष्ट करना चाहता है?
लेखक महात्मा गांधी के जीवन का उद्धारण देकर क्या स्पष्ट करना चाहता है?