दिये गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
पृथ्वी और आकाश के अंतराल में जो सामीप्य भी है, पृथ्वी के क्षारों और फैले हुए गंभीर सागर में जो ज्वार और लहरों की रचनाएँ हैं, उन सबके प्रति चेतना और विज्ञान के नए भाव राष्ट्र में फैलने चाहिए। एक ही नवयुवकों के हृदय में उन सबके प्रति जागरूकता की नई किरणों जब तक नहीं फूटती हैं, तब तक हम सभी हुए के समान हैं। विज्ञान और उध्यम दोनों को मिलाकर राष्ट्र के भौतिक स्वरूप का एक नया रूप ढलना चाहिए। यह कार्य सतत, उसका और अगले परिवर्तन द्वारा निरंतर होने बढ़ना चाहिए। हमारा दायित्व यही है कि राष्ट्र में जितने लोग हैं, उनमें से कोई भी इस कार्य में भाग लिये बिना नहीं रहेगा।
उर्ध्व गधांश का संदर्भ लिखिए।
लेखनी अंतः की व्याख्या कीजिए।
नए शब्दों की खोज क्यों आवश्यक है?
संस्कृत का एक अभिन्न अंग क्या है?
किसके लिए भाषा का पर्यावरणीय प्रयोग संभव नहीं है?