दिए गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
पुष्पित अशोक को देखकर मेरा मन उदास हो जाता है। इसलिए नहीं कि सुंदर वस्तुओं को हतभाग्य समझने में मुझे कोई विशेष रस मिलता है । कुछ लोगों को मिलता है। वे बहुत दूरदर्शी होते हैं । जो भी सामने पड़ गया, उसके जीवन के अंतिम मुहूर्त तक का हिसाब वे लगा लेते हैं । मेरी दृष्टि उतनी दूर तक नहीं जाती । फिर भी मेरा मन इस फूल को देखकर उदास हो जाता है । असली कारण तो मेरे अंतर्यामी ही जानते होंगे, कुछ थोड़ा-सा मैं भी अनुमान कर सकता हूँ
उपर्युक्त गद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
गद्यांश के लेखक ने स्वयं के बारे में क्या कहा है?
प्रस्तुत गद्यांश का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
'अंतर्यामी' और 'दूरदर्शी' शब्दों के अर्थ लिखिए।