दिए गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
यह अनुभव कितना चमत्कारी है कि जहाँ जो जितनी अधिक बुझी है वह उतनी ही उत्तम, मुस्कानमयी है। यह किस दीपक की ज्योति है? जागरूक जीवन की। लक्ष्यशील जीवन की। सेवा-निष्ठ जीवन की\! अपने विश्वासों के साथ एकता जीवन की। भाषा के भेद रहे, रहेंगे भी, पर यह ज्योति विश्व की सर्वात्मा ज्योति है।
उपर्युक्त गद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
उल्लेखित अंश की व्याख्या कीजिए।
गद्यांश का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
कौन-सी ज्योति विश्व की सर्वात्मा ज्योति है?
लेखक ने किसके मुस्कानमय जीवन का चित्रण किया है?