निम्नलिखित विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए |
डेंगू बुखार की मार
संकेत बिंदु -
डेंगू क्या है
डेंगू के कारण
लक्षण एवं बचाव के उपाय
डेंगू एक मच्छर जनित वायरल बीमारी है जो एडीस एजिप्टी (Aedes aegypti) और एडीस एल्बोपिक्टस (Aedes albopictus) नामक मच्छरों के काटने से फैलती है। यह एक गंभीर बीमारी है जो उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अधिक पाई जाती है, खासकर बरसात के मौसम में। यह बीमारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती है।
डेंगू के कारण मुख्य रूप से संक्रमित एडीस मच्छर का काटना है। ये मच्छर आमतौर पर दिन के समय काटते हैं और रुके हुए पानी में पनपते हैं, जैसे कि कूलर, गमलों, टायर और पानी की टंकियों में। जब एक संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो डेंगू का वायरस उस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाता है, जिससे वह बीमार हो जाता है।
डेंगू के सामान्य लक्षणों में अचानक तेज़ बुखार, सिरदर्द, आँखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते (रैश) और मतली या उल्टी शामिल हैं। कुछ गंभीर मामलों में, यह डेंगू रक्तस्रावी बुखार (Dengue Hemorrhagic Fever) में बदल सकता है, जिससे रक्तस्राव, अंगों का फेल होना और मृत्यु भी हो सकती है।
डेंगू से बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर और पानी की टंकियों को नियमित रूप से साफ करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और पूरे बाजू के कपड़े पहनें। मच्छर भगाने वाले स्प्रे या क्रीम का उपयोग भी सहायक हो सकता है। यदि डेंगू के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उचित उपचार लें। समय पर पहचान और उपचार से डेंगू के गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
रंगमंच की दुनिया में मोबाइल थियेटर अबूझा नाम नहीं और असम में तो ये मनोरंजन का दूसरा नाम है। देश ही नहीं दुनिया भर में अपनी तरह का अनोखा, चलता-फिरता रंगमंच जो खानाबदोश जिंदगी जीता है। जिसका आज यहाँ ठौर, तो कल वहाँ ठिकाना इसलिए इसे भ्रमण थियेटर भी कहते हैं।
असम में फिल्मों से ज्यादा मोबाइल थियेटर लोकप्रिय है। असम के लेखकों और कलाकारों के लिए ये थियेटर किसी संजीवनी से कुछ कम नहीं हैं। ट्रकों पर खाने-पीने से लेकर स्टेज, कुर्सी, पोशाक, तकनीकी उपकरणों समेत सारे सामानों से लदकर ये आठ से नौ महीनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन करते हैं। रूपरेखा भले ही नाटक की हो, पर इसका स्टाइल पूरा फिल्मी है। फिल्मों की तरह इन थियेटरों में दिखाए जाने वाले नाटकों का भी बैनर, पोस्टर लगाकर खूब प्रचार होता है।
थियेटर शब्द सुनकर आमतौर पर गंभीर विषयवस्तु और श्वेत-श्याम स्टेज के नाटकों का खाका मस्तिष्क में उभरता है। ये घुमक्कड़ रंगमंच मंचन भले ही नाटकों का करते हैं, लेकिन इनमें पटकथा से लेकर नाच-गाना, एक्शन, इमोशन हर तरह का फिल्मी मसाला होता है। अभिनय और प्रस्तुति के मामले में यहाँ मनोरंजन से कोई समझौता नहीं होता।
टी.वी., केबल चैनलों और नई तकनीकों का इसके बाज़ार पर भी असर पड़ा है। बाज़ार और तकनीकी चहलकदमी ने इसका रूप ही नहीं रुख भी बदल दिया है लेकिन फिर भी इंटरनेट की तकनीकी आँधी इसके तंबू को उखाड़ नहीं पाई है। इसकी वजह है इसकी विविधता में वास्तविकता। पुरानी लाइटिंग, साउंड, तकनीकी उपकरणों के बावजूद इनके सेट एकदम असली लगते हैं और उस पर कलाकारों की जीवंत और उम्दा प्रस्तुति की तो बात ही क्या ! अपनी मौलिकता की वजह से समय की रेत पर यह आज भी अपनी पहचान के साथ स्थिर खड़ा है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
जलवायु परिवर्तन के साथ जैसे-जैसे मौसम का 'पैटर्न' समुद्र के स्तर को प्रभावित कर रहा है, नदी प्रणालियों में भूकम्प से होने वाले महाविनाशकारी परिवर्तनों को समझना अपरिहार्य हो चला है। धरती लगातार हिल रही है। पहाड़ों में दरारें पड़ रही हैं। नदियाँ वैसे भी, विशेष रूप से मार्ग और प्रवाह में परिवर्तन के प्रति संवेदनशील होती हैं। भूकम्प से नदी मार्ग में परिवर्तन के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं, जिससे संपत्ति, कृषि और बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँच सकता है। हाल में, जब अध्येताओं की एक टीम ने ढाका से सौ किलोमीटर दक्षिण में नदी की पुरानी मुख्यधारा खोजने के लिए सैटेलाइट चित्रों का इस्तेमाल किया तो उस इलाके में भूकम्पीय संकेत चिह्न मिले। इस क्षेत्र में गंगा और ब्रह्मपुत्र की प्लेटें करीब होने से यहाँ अकसर तेज भूकम्प आते रहे हैं। डेल्टा वाले नदी क्षेत्र में उच्च तीव्रता का भूकम्प आने पर प्रवाह का रास्ता पूरी तरह बदल सकता है। वहाँ तबाही इसलिए बहुत भयावह होगी, क्योंकि अब उस क्षेत्र में लाखों की घनी बसावट है।
भूकम्पीय गतिविधियों और नदियों के प्रवाह पर बारीक नजर रखे हुए वैज्ञानिक लगातार ऐसे जोखिम वाले तमाम वैश्विक क्षेत्रों की पहचान करने में जुटे हैं। सब कुछ के बावजूद, किसी भूकम्प के सटीक मापदंडों या किसी भी क्षण नदी के बहाव के बारे में पूर्वानुमान लगाना असंभव है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए बहुविकल्पी प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उचित विकल्प चुनकर दीजिए:
दुनिया कैसे वजूद में आई? पहले क्या थी? किस बिंदु से इसकी यात्रा शुरू हुई? इन प्रश्नों के उत्तर विज्ञान अपनी तरह से देता है, धार्मिक ग्रंथ अपनी-अपनी तरह से। संसार की रचना भले ही कैसे हुई हो लेकिन धरती किसी एक की नहीं है। पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है। यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं। पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था अब टुकड़ों में बँटकर एक-दूसरे से दूर हो चुका है। पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिल-जुलकर रहते थे अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है। बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है।
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों को चुनकर लिखिए :
कंपनी बाग के मुहाने पर धर रखी गई है यह 1857 की तोप इसकी होती है बड़ी सम्हाल, विरासत में मिले कंपनी बाग की तरह
साल में चमकाई जाती है दो बार।
सुबह-शाम कंपनी बाग में आते हैं बहुत से सैलानी उन्हें बताती है यह तोप
कि मैं बड़ी जबर
उड़ा दिए थे मैंने
अच्छे-अच्छे सूरमाओं के धज्जे
अपने ज़माने में
निम्नलिखित पठित काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों को चुनिए :
कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया
कट गए सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया
मरते-मरते रहा बाँकपन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों.…
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:
ई-पुस्तकालय
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:
कड़ा के ठंड और सड़क का कुता ......
निम्नलिखित पर लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए:
आप दसवीं कक्षा के छात्र/छात्रा ओज/ऑजस्विता हैं। आपके अनुरोध पर आपके विद्यालय के प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्य ने फूटबॉल शिक्षक (कोच) की व्यवस्था कर दी है। अत: उन्हें धन्यवाद पत्र लिखिए।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए:
आप ओज/ऑजस्विता हैं। बच्चों में बढ़ते हुए तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए किसी दैनिक हिंदी समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 60 शब्दों में सूचना लिखिए:
आप राजकीय वरिष्ठ विद्यालय के हिंदी अध्यापक/अध्यापिका हैं। आप विद्यालय में अंतरविद्यालय कहानी लेखन प्रतियोगिता का आयोजन करते जा रहे हैं। विद्यार्थियों को इसकी जानकारी देने के लिए एक सूचना तैयार कीजिए।
| Case No. | Lens | Focal Length | Object Distance |
|---|---|---|---|
| 1 | \(A\) | 50 cm | 25 cm |
| 2 | B | 20 cm | 60 cm |
| 3 | C | 15 cm | 30 cm |