'दया' शब्द भाववाचक संज्ञा है। यह एक भावना को व्यक्त करता है, जिसमें किसी के प्रति करुणा और सहानुभूति की भावना होती है।
दया का अर्थ है किसी की पीड़ा, कष्ट या दुर्भाग्य को देखकर उस पर सहानुभूति रखना और उसकी मदद करने की इच्छा होना। यह भावना मानवता और नैतिकता की नींव मानी जाती है। हिंदी साहित्य में दया को एक सकारात्मक और श्रेष्ठ गुण माना गया है, जो समाज में प्रेम, सहिष्णुता और समझदारी को बढ़ावा देता है। कई धार्मिक और दार्शनिक ग्रंथों में भी दया को जीवन के सर्वोच्च नैतिक आदर्शों में से एक बताया गया है।