Question:

'छायावाद स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह है' - यह कथन है: 
 

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डॉ० नगेन्द्र ने छायावाद को न केवल एक काव्यधारा के रूप में, बल्कि भारतीय समाज और साहित्य में निहित गहरे भावनात्मक प्रतिवाद के रूप में व्याख्यायित किया।
Updated On: Nov 15, 2025
  • सुमित्रानंदन पंत का
  • डॉ० नगेन्द्र का
  • आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का
  • जयशंकर प्रसाद का
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

'छायावाद स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह है' यह कथन डॉ० नगेन्द्र का है। डॉ० नगेन्द्र ने छायावाद के गहरे अर्थ को समझाते हुए इसे भारतीय काव्यधारा में सूक्ष्म और गूढ़ भावनाओं के विद्रोह के रूप में देखा।
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