छात्रावास की जीवन-शैली विषय पर अपने मित्र को एक पत्र लिखिए।
प्रिय मित्र,
मुझे आशा है कि तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। मैं इस पत्र के माध्यम से तुम्हें छात्रावास की जीवन-शैली के बारे में बताना चाहता हूँ। छात्रावास जीवन में हमें अनुशासन, आत्मनिर्भरता और मित्रता का महत्व समझ में आता है।
हम यहाँ सुबह जल्दी उठते हैं, समय पर कक्षाएँ लगती हैं और उसके बाद खेल-कूद तथा अन्य गतिविधियाँ होती हैं। छात्रावास में रहकर हमें आत्मनिर्भर बनना सीखना पड़ता है। मुझे आशा है कि तुम भी कभी छात्रावास जीवन का अनुभव अवश्य करोगे।
तुम्हारा मित्र,
(नाम)
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
शिक्षा ऋण प्राप्त करने के लिए बैंक प्रबंधक को आवेदन पत्र लिखिए।
नगर में अतिक्रमण की समस्या के निवारण हेतु महापौर को पत्र लिखिए।
परीक्षा के समय बिजली कटौती न करने के लिए अपने जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र लिखिए।
भारतीय रिज़र्व बैंक के शाखा प्रबंधक को उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र लिखिए।
अपने गाँव अथवा शहर में सफाई हेतु उच्च अधिकारी को पत्र लिखिए।