Step 1: Analyzing the Statements:
हमें नाभिकीय भौतिकी से संबंधित चार कथनों का मूल्यांकन करना है।
कथन A और B का विश्लेषण (नाभिक का आयतन):
एक नाभिक की त्रिज्या (R) उसकी द्रव्यमान संख्या (A) से इस प्रकार संबंधित है: \( R = R_0 A^{1/3} \), जहाँ \( R_0 \) एक स्थिरांक है।
नाभिक का आयतन (V), उसे एक गोला मानकर, \( V = \frac{4}{3}\pi R^3 \) होता है।
R का मान रखने पर:
\[ V = \frac{4}{3}\pi (R_0 A^{1/3})^3 = \frac{4}{3}\pi R_0^3 (A^{1/3})^3 = \left(\frac{4}{3}\pi R_0^3\right) A \]
चूंकि \( \frac{4}{3}\pi R_0^3 \) एक स्थिरांक है, आयतन \(V\) द्रव्यमान संख्या \(A\) के सीधे समानुपाती है (\(V \propto A\))।
• कथन A (\(V \propto A^{1/3}\)) गलत है।
• कथन B (\(V \propto A\)) सही है।
कथन C और D का विश्लेषण (द्रव्यमान क्षति):
द्रव्यमान क्षति (\(\Delta m\)) को एक नाभिक के घटक न्यूक्लियॉनों (प्रोटॉन और न्यूट्रॉन) के कुल द्रव्यमान और नाभिक के वास्तविक (मापे गए) द्रव्यमान के बीच के अंतर के रूप में परिभाषित किया गया है।
\[ \Delta m = (\text{घटकों का कुल द्रव्यमान}) - (\text{नाभिक का वास्तविक द्रव्यमान}) \]
\[ \Delta m = [Zm_p + (A-Z)m_n] - M_{\text{नाभिक}} \]
• कथन C एक परमाणु और उसके नाभिक के द्रव्यमान के बीच के अंतर को द्रव्यमान क्षति कहता है। यह अंतर केवल इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान है, द्रव्यमान क्षति नहीं। इसलिए, यह कथन गलत है।
• कथन D द्रव्यमान क्षति की सही परिभाषा देता है। इसलिए, यह कथन सही है।
Step 2: Final Conclusion:
हमारे विश्लेषण के आधार पर, कथन B और D सही हैं, जबकि कथन A और C गलत हैं।
यह विकल्प (A) से मेल खाता है।