Step 1: Identify the products of the reaction sequence:
Reaction 1: Formation of W
\( \text{बेंजीन} + \text{CH}_3\text{Cl} \xrightarrow{\text{निर्जल AlCl}_3} W \)
यह एक फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐल्किलीकरण अभिक्रिया है। बेंजीन मेथिल क्लोराइड के साथ अभिक्रिया करके टॉलूईन (मेथिलबेंजीन) बनाता है।
\[ W = \text{टॉलूईन} (\text{C}_6\text{H}_5\text{CH}_3) \]
Reaction 2: Formation of X and Y
\( W (\text{टॉलूईन}) \xrightarrow[\text{गर्म करने पर}]{\text{तनु } \text{HNO}_3 + \text{तनु } \text{H}_2\text{SO}_4} X + Y \)
यह टॉलूईन का नाइट्रीकरण है। मेथिल समूह (\(-\text{CH}_3\)) एक ऑर्थो, पैरा-निर्देशक और सक्रियकारी समूह है। \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है, जो \( \text{HNO}_3 \) से नाइट्रोनियम आयन (\(\text{NO}_2^+\)) उत्पन्न करने में मदद करता है, जो इलेक्ट्रोफाइल है।
मुख्य उत्पाद ऑर्थो-नाइट्रोटॉलूईन और पैरा-नाइट्रोटॉलूईन का मिश्रण होंगे।
\( X = \text{ऑर्थो-नाइट्रोटॉलूईन} \)
\( Y = \text{पैरा-नाइट्रोटॉलूईन} \)
Step 2: Determine the best separation method for X and Y:
हमें ऑर्थो-नाइट्रोटॉलूईन और पैरा-नाइट्रोटॉलूईन को अलग करना है। ये दोनों स्थिति समावयवी (positional isomers) हैं। हमें उनके भौतिक गुणों पर विचार करना होगा।
• ऑर्थो-नाइट्रोटॉलूईन: क्वथनांक (Boiling point) = 222 \(^{\circ}\)C
• पैरा-नाइट्रोटॉलूईन: क्वथनांक (Boiling point) = 238 \(^{\circ}\)C
इन दोनों यौगिकों के क्वथनांक में एक महत्वपूर्ण अंतर (16 \(^{\circ}\)C) है। जब दो द्रवों के क्वथनांक में अंतर होता है, तो उन्हें अलग करने के लिए सबसे उपयुक्त विधि प्रभाजी आसवन (fractional distillation) होती है।
(नोट: एक अन्य विधि, भाप आसवन, का भी उपयोग किया जा सकता है क्योंकि ऑर्थो-आइसोमर इंट्रा-आण्विक हाइड्रोजन बॉन्डिंग के कारण अधिक वाष्पशील होता है, लेकिन प्रभाजी आसवन क्वथनांक में अंतर के कारण एक मानक और प्रभावी तरीका है।)
Step 3: Evaluate the options:
(A) सतत निष्कर्षण और (B) विभेदी निष्कर्षण का उपयोग तब किया जाता है जब यौगिकों की विलेयता विभिन्न विलायकों में भिन्न होती है।
(C) प्रभाजी आसवन का उपयोग तब किया जाता है जब द्रवों के क्वथनांक में अंतर होता है। यह यहाँ उपयुक्त है।
(D) ऊर्ध्वपातन का उपयोग एक ऐसे ठोस को शुद्ध करने के लिए किया जाता है जो बिना पिघले सीधे गैस में बदल जाता है। यह यहाँ उपयुक्त नहीं है।