Question:

असीमाक्षी पुष्पक्रम में, 
 

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असीमाक्षी (Racemose) = असीमित वृद्धि, अग्राभिसारी (Acropetal) क्रम (पुराने नीचे, नए ऊपर)। ससीमाक्षी (Cymose) = सीमित वृद्धि, तलाभिसारी (Basipetal) क्रम (पुराना ऊपर, नए नीचे)।
Updated On: May 4, 2026
  • प्रमुख अक्ष के शीर्ष पर पुष्प लगता है
  • वृद्धि सीमित होती है
  • पुष्प अग्राभिसारी क्रम में लगे रहते हैं
  • पुष्प अकेले होते हैं
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collegedunia
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न असीमाक्षी (racemose) पुष्पक्रम की विशेषताओं के बारे में है।
चरण 2: असीमाक्षी और ससीमाक्षी पुष्पक्रम की तुलना:
पुष्पक्रम, पुष्प अक्ष पर फूलों की व्यवस्था है। इसके दो मुख्य प्रकार हैं:

असीमाक्षी (Racemose):
• मुख्य अक्ष लगातार बढ़ता रहता है और एक फूल में समाप्त नहीं होता है।
• वृद्धि असीमित होती है।
• फूल पार्श्व में अग्राभिसारी (acropetal) क्रम में लगे होते हैं। इसका मतलब है कि पुराने फूल आधार पर होते हैं और नए या छोटे फूल शीर्ष की ओर होते हैं।
ससीमाक्षी (Cymose):
• मुख्य अक्ष एक फूल में समाप्त हो जाता है।
• वृद्धि सीमित होती है।
• फूल तलाभिसारी (basipetal) क्रम में लगे होते हैं। इसका मतलब है कि शीर्ष पर एक पुराना फूल होता है और नए फूल नीचे की ओर विकसित होते हैं। चरण 3: विकल्पों का मूल्यांकन:
(A) प्रमुख अक्ष के शीर्ष पर पुष्प लगता है - यह ससीमाक्षी पुष्पक्रम की विशेषता है।
(B) वृद्धि सीमित होती है - यह ससीमाक्षी पुष्पक्रम की विशेषता है।
(C) पुष्प अग्राभिसारी क्रम में लगे रहते हैं - यह असीमाक्षी पुष्पक्रम की सही विशेषता है।
(D) पुष्प अकेले होते हैं - इसे एकल पुष्प (solitary flower) कहा जाता है, यह पुष्पक्रम का प्रकार नहीं है।
चरण 4: अंतिम उत्तर:
असीमाक्षी पुष्पक्रम में फूल अग्राभिसारी क्रम में लगे होते हैं। अतः, विकल्प (C) सही है।
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