चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में वर्णित लक्षणों के आधार पर हमें दिए गए विकल्पों में से सही जंतु की पहचान करनी है।
चरण 2: दिए गए लक्षणों का विश्लेषण:
• अंतः कंकाल उपास्थि का बना होना: यह उपास्थिल मछलियों (Chondrichthyes) और साइक्लोस्टोमेटा (Cyclostomata) का लक्षण है।
• बाह्यपरजीवी, चूषक और वृत्ताकार मुख: यह साइक्लोस्टोमेटा वर्ग का एक बहुत ही विशिष्ट लक्षण है। उनके पास जबड़े नहीं होते हैं, लेकिन एक गोलाकार चूषक मुख होता है जिसका उपयोग वे अन्य मछलियों से चिपकने और उनका खून चूसने के लिए करते हैं।
• युग्मित पंखों और शल्कों का अभाव: यह भी साइक्लोस्टोमेटा का लक्षण है।
• 6-15 जोड़े क्लोम छिद्र (gill slits): प्रश्न में 7 जोड़े दिए गए हैं, जो इस सीमा में आता है।
ये सभी लक्षण वर्ग साइक्लोस्टोमेटा की ओर इशारा करते हैं।
चरण 3: विकल्पों का मूल्यांकन:
• (A) एक्सोसिटस (Exocoetus - उड़न मछली): यह एक अस्थिल मछली (Osteichthyes) है।
• (B) ब्रैंकिओस्टोमा (Branchiostoma - एम्फिऑक्सस): यह एक सेफेलोकॉर्डेट (Cephalochordate) है, जो एक अकशेरुकी है।
• (C) पेट्रोमाइजॉन (Petromyzon - लैम्प्रे): यह साइक्लोस्टोमेटा वर्ग का एक सदस्य है। इसमें उपरोक्त सभी लक्षण पाए जाते हैं: उपास्थिल कंकाल, जबड़े रहित चूषक मुख, शल्कों और युग्मित पंखों का अभाव, और कई जोड़े क्लोम छिद्र।
• (D) स्कॉलियोडोन (Scoliodon - डॉगफिश): यह एक उपास्थिल मछली (Chondrichthyes) है, लेकिन इसमें जबड़े, युग्मित पंख और शल्क होते हैं और यह परजीवी नहीं है।
चरण 4: अंतिम उत्तर:
वर्णित लक्षण पेट्रोमाइजॉन (लैम्प्रे) के हैं, जो साइक्लोस्टोमेटा का एक उदाहरण है। अतः, विकल्प (C) सही है।