आप गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर हैं। आपकी माँ कार्यालय के काम से कुछ दिनों के लिए दूसरे शहर गई हैं और उनकी अनुपस्थिति में आपको घर की व्यवस्था सँभालनी पड़ रही है। अपने अनुभव और कठिनाइयों को व्यक्त करते हुए उन्हें 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।
दिनांक: 20 अक्टूबर, 2023
आदरणीय माताजी,
सादर चरण स्पर्श।
आशा है आप वहाँ स्वस्थ होंगी। मैं भी यहाँ ठीक हूँ। आपके जाने के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी मुझ पर आ गई है। सुबह उठकर नाश्ता बनाने से लेकर रात के खाने तक, सारे काम करते हुए आपकी बहुत याद आती है। अब मुझे एहसास हो रहा है कि आप अकेले कितना काम करती हैं और कभी शिकायत भी नहीं करतीं। घर संभालना सचमुच बहुत कठिन है।
हालांकि, इस अनुभव से मैं अधिक जिम्मेदार बन गया/गई हूँ। आप अपना काम खत्म करके जल्दी लौट आइएगा।
आपकी प्रिय पुत्री/आपका प्रिय पुत्र,
गगनदीप कौर/गगनदीप सिंह
अधिकारी द्वारा मामले की जाँच-पड़ताल की गई। (वाच्य को पहचानकर उसका भेद लिखिए)
संगतकार' कविता के संदर्भ में लिखिए कि संगतकार जैसे व्यक्तियों के व्यक्तित्व से युवाओं को क्या प्रेरणा मिलती है। किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
उन्होंने किसान जीवन को अपनी रचनाओं का केन्द्र बनाया। (वाच्य को पहचानकर उसका भेद लिखिए)
ढ़ते साइबर अपराध
संकेत-बिंदु: • अर्थ और प्रकार • कारण • रोकथाम के उपाय
हमारे बुजुर्ग : हमारा सम्मान
संकेत-बिंदु: • समाज में बुजुर्गों की वर्तमान स्थिति • अनुभवों का खजाना • बुजुर्गों के प्रति कर्तव्य


