Question:

‘आलोक-वृत्त' खण्डकाव्य के ‘चतुर्थ सर्ग' की घटना को संक्षेप में लिखिए।

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‘आलोक-वृत्त' खण्डकाव्य का चतुर्थ सर्ग सत्य, संघर्ष और समाज सुधार की भावना को उजागर करता है, जिससे समाज में नई चेतना का संचार होता है।
Updated On: Nov 14, 2025
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Solution and Explanation

‘आलोक-वृत्त’ खण्डकाव्य का चतुर्थ सर्ग संघर्ष, न्याय और सत्य की विजय का प्रतीक है। इसमें समाज में व्याप्त अन्याय के विरुद्ध नायक का दृढ़ संकल्प और उसकी विजय का वर्णन किया गया है।
संघर्ष का चरम बिंदु: इस सर्ग में नायक समाज में व्याप्त बुराइयों और अन्याय के विरुद्ध खुलकर संघर्ष करता है।
धर्म और कर्तव्य का पालन: वह अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाता है और समाज को सही दिशा में ले जाने का प्रयास करता है।
सत्य की विजय: अंततः सत्य की विजय होती है और नायक समाज में एक नई रोशनी फैलाने का कार्य करता है, जिससे समाज में एक नई चेतना का संचार होता है।
प्रेरणादायक संदेश: यह सर्ग पाठकों को संघर्ष, कर्तव्य और सत्य की महत्ता का संदेश देता है और समाज को सुधारने की प्रेरणा प्रदान करता है।
चतुर्थ सर्ग समाज में सुधार की भावना को दर्शाता है, जहाँ नायक अपने संघर्ष और आत्मबल से बुराइयों पर विजय प्राप्त करता है।
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